शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

मौन की शक्ति - ओशो


 


ओशो के अनुसार मौन के मुख्य पहलू: 

• आंतरिक संवाद बंद करें: मौन का अर्थ केवल मुँह बंद रखना नहींबल्कि मन की बड़बड़ाहट को भी रोकना है। 
• हृदय का मिलन (Communication of Hearts): जब दो लोग मौन में बैठते हैं (जैसे प्रेमी)तो एक-दूसरे की चेतना पर छा जाते हैंजिससे शब्दहीन संवाद होता है। 
• साधना का सार: मौन वास्तविक साधना हैजो शब्दों में नहींबल्कि आंतरिक सन्नाटे और जाग्रति में है। 
• आनंद और शांति: मौन में होना ही परमानंद (bliss) हैजहाँ चिंताएं और तनाव नहीं होते। 
• मन की शून्यता: मन एक बुलबुले की तरह हैइसे चुप कराकर ही भीतर के शून्य (Silence) तक पहुँचा जा सकता है।   



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