नींद और सपनों पर ओशो के विचार (हिंदी में):
• सपनों का मतलब (Dreams): ओशो कहते हैं कि जब आप सोते हैं, तो मन सक्रिय रहता है, जिसे हम सपना कहते हैं। सपने आपके अधूरे दिनभर के विचारों, इच्छाओं और तनावों का प्रक्षेपण हैं।
• नींद का रहस्य (Sleep): अगर आप 8 घंटे सोते हैं, तो 6 घंटे सपने चलते हैं और केवल 2 घंटे ही वास्तव में स्वप्नहीन (deep sleep) नींद होती है।
• साक्षी भाव (Observation): जो लोग ध्यान करते हैं, वे नींद में भी साक्षी बने रहते हैं। ओशो के अनुसार, व्यक्ति का एक कोना हमेशा जागता रहता है, जो देखता है कि नींद कितनी गहरी है।
• नींद में ध्यान (Meditation in Sleep): ओशो ने "सचेत नींद" (conscious sleep) पर जोर दिया है। उनका मानना था कि यदि आप बहुत ज्यादा सोते हैं, तो नींद में भी जागरण का अनुभव किया जा सकता है।
• सपनों से मुक्ति: जब आप जीवन को बिना सपनों के, जैसा वह है, वैसा देखना शुरू करते हैं, तो सपने कम हो जाते हैं।
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